राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने कहा है कि भारत के बढ़ते प्रभाव और मजबूती को रोकने के लिए देश के भीतर और बाहर झूठे नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज को भ्रमित करने के लिए गलत खबरें और भ्रामक रिपोर्टें फैलाई जा रही हैं।
महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें भारत के उत्थान को रोकने में लगी हुई हैं। उनका कहना था कि इन ताकतों के पास जनसंख्या, सत्ता, धन और संगठन जैसी बड़ी शक्ति है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय समाज को अपने मूल्यों और संस्कृति पर मजबूती से खड़ा रहना होगा।
भागवत ने कहा कि भारत का आगे बढ़ना केवल देश के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के हित में जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक मजबूत भारत वैश्विक संतुलन और मानवता के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है।

अपने संबोधन में उन्होंने महाराणा प्रताप के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि भारत का इतिहास गुलामी का नहीं, बल्कि संघर्ष और स्वाभिमान का इतिहास है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी थी।
उन्होंने लोगों से एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि विविधता भारत की ताकत है और समानता से ज्यादा जरूरी आपसी सम्मान और सद्भाव है। भागवत के मुताबिक, अगर भारत को आगे बढ़ना है तो समाज को अपने चरित्र, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों को और मजबूत करना होगा।



