पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) के रावलकोट में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने की खबर सामने आई है. प्रदर्शनकारियों और स्थानीय संगठनों का दावा है कि पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की फायरिंग में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक रूप से अलग आंकड़े भी सामने आ सकते हैं.

बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी मांगों को लेकर रावलकोट के चिनार चौक पर एकत्र हुए थे. इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने निहत्थे नागरिकों पर गोलीबारी की. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है.

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आरोप लगाया है कि सुरक्षाबल आंदोलन को दबाने के लिए लगातार बल प्रयोग कर रहे हैं. समिति का दावा है कि 5 जून से शुरू हुए आंदोलन के दौरान अब तक कुल 75 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, इस आंकड़े की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
फायरिंग और सुरक्षा कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. बड़ी संख्या में लोग अब भी चिनार चौक और आसपास के इलाकों में डटे हुए हैं. प्रदर्शनकारियों का काफिला डी-चौक की ओर बढ़ने के बाद रात में रावलकोट के मकबूल भट शहीद चौक पर रुका, जहां आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया.
इस बीच, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता डॉ. शहबाज गिल ने पाकिस्तानी सेना और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि सैन्य कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा हुआ है और इससे कश्मीर से जुड़े मुद्दे को दीर्घकालिक नुकसान पहुंच सकता है.

शहबाज गिल ने यह भी दावा किया कि मृतकों की वास्तविक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया और स्थानीय स्रोतों पर कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मारे गए युवकों की उम्र 22, 25 और 28 वर्ष थी. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है.
उधर, कश्मीर एक्शन कमेटी के नेता ख्वाजा मेहरान ने पाकिस्तान के साथ सभी प्रवेश मार्ग बंद करने और पाकिस्तानी सेना की आवाजाही रोकने की घोषणा करने का दावा किया है. वहीं, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने संकेत दिया है कि आंदोलन की अगली रणनीति और आगे की कार्रवाई का औपचारिक ऐलान जल्द किया जाएगा.
फिलहाल पूरे क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं. मृतकों और घायलों की वास्तविक संख्या तथा पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर आधिकारिक जांच और स्वतंत्र पुष्टि के बाद ही सामने आ सकेगी.

