केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से सैलरी और पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी या बाद में।

इसी बीच ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) ने सरकार से मांग की है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से ही लागू की जाएं।

AITUC की क्या है मांग?

AITUC का कहना है कि कर्मचारियों के पे स्केल, अलाउंसेज, पेंशन और अन्य लाभों में संशोधन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होना चाहिए।
संगठन का यह भी कहना है कि यदि सरकार सिफारिशों को बाद की तारीख से लागू करती है, तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को उस अवधि का एरियर (बकाया भुगतान) मिलना चाहिए।
सरकार ने मांगा है सुझाव
वेतन आयोग ने अपनी वेबसाइट पर 18 महत्वपूर्ण सवाल जारी किए हैं, जिन पर कर्मचारियों, पेंशनर्स, यूनियनों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं। AITUC ने इन्हीं सवालों के जवाब में यह मांग रखी है।
कब तक आ सकती है रिपोर्ट?
सरकार ने नवंबर में वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस घोषित किए थे। इसके बाद आयोग को करीब 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
पहले भी मिल चुका है एरियर
पिछले वेतन आयोगों में भी ऐसा देखा गया है कि रिपोर्ट देर से आई लेकिन कर्मचारियों को पुरानी तारीख से एरियर दिया गया।
छठा वेतन आयोग: रिपोर्ट मार्च 2008 में आई, लेकिन एरियर 1 जनवरी 2006 से दिया गया।
सातवां वेतन आयोग: रिपोर्ट नवंबर 2015 में आई, लेकिन मंजूरी जून 2016 में मिली और एरियर 1 जनवरी 2016 से दिया गया।
इसी आधार पर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग में भी 1 जनवरी 2026 से लाभ दिया जाना चाहिए।
कर्मचारियों की नजर सरकार के फैसले पर
अब लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं तो इससे सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।