पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने ‘मिशन 360 डिग्री’ के तहत एक व्यापक प्रचार रणनीति तैयार की है, जिसमें संगठन, स्टार प्रचारक और आक्रामक कैंपेन—तीनों का मिश्रण देखने को मिल रहा है।

भाजपा ने राज्य में सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य के साथ ‘ग्लैमर और गवर्नेंस’ का फॉर्मूला अपनाया है। पहले चरण के दौरान पार्टी ने करीब 500 जनसभाएं और पथसभाएं करने का लक्ष्य रखा है, जिसकी शुरुआत बंगाली नववर्ष ‘पॉयला बैसाख’ से की जा रही है।

शाह बनाम ममता की सीधी टक्कर

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह चुनाव मुख्य रूप से Mamata Banerjee और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा है।
अमित शाह ने चुनावी मोर्चे की कमान संभालते हुए पहले चरण में करीब 30 चुनावी कार्यक्रमों को संबोधित करने की योजना बनाई है। उनके बंगाल में लगातार सक्रिय रहने से पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि इस बार चुनाव को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मोदी और योगी की बड़ी रैलियां
प्रधानमंत्री Narendra Modi भी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। वे पहले चरण में कुल 11 रैलियां करेंगे, जिनमें से कई रैलियां पहले ही हो चुकी हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के लिए भी 11 कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। इस बार उनकी रैलियों का फोकस रणनीतिक रूप से मध्य और दक्षिण बंगाल के ग्रामीण इलाकों पर रखा गया है।
स्टार प्रचारकों की एंट्री
भाजपा ने चुनाव प्रचार में कई बड़े नेताओं और फिल्मी चेहरों को भी उतारा है—
Smriti Irani – 13 रैलियां
Himanta Biswa Sarma – 8 रैलियां
Manik Saha – 9 रैलियां
Rajnath Singh, J. P. Nadda, Nitin Gadkari भी कई सभाओं को संबोधित करेंगे
इसके अलावा अभिनेता Mithun Chakraborty, Kangana Ranaut और Hema Malini भी जनसभाओं के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश करेंगे।
संगठन और नैरेटिव पर फोकस
रैलियों के साथ-साथ भाजपा ने सूचना स्तर पर भी रणनीति बनाई है। कोलकाता और सिलीगुड़ी जैसे शहरों से रोजाना प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी है।
पार्टी का फोकस Rabindranath Tagore की जयंती तक “बंगाल के गौरव” के नैरेटिव को घर-घर पहुंचाने पर भी है।
TMC भी पूरी ताकत के साथ मैदान में
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव Abhishek Banerjee भी लगातार रैलियां और जनसभाएं कर रहे हैं।
निष्कर्ष
बंगाल का चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प मोड़ पर है, जहां एक तरफ भाजपा अपनी पूरी ताकत और रणनीति के साथ मैदान में है, वहीं तृणमूल कांग्रेस भी सत्ता बचाने के लिए आक्रामक अभियान चला रही है। पहले चरण का मतदान यह तय करेगा कि किसकी रणनीति कितनी असरदार साबित होती है।