देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और कई जगहों पर पारा 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है।

बुधवार को महाराष्ट्र के अकोला में 44.2°C, उत्तर प्रदेश के बांदा में 44°C, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में 43.4°C, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 43°C और राजस्थान के बाड़मेर में 42.8°C तापमान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों के साथ बाड़मेर और बांदा देश के सबसे गर्म स्थानों में शामिल रहे।

मौसम विभाग के अनुसार, अचानक बढ़ी गर्मी का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर पड़ना है। इसके चलते 20 अप्रैल तक पश्चिमी, मध्य और दक्षिण भारत में भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना है।

गर्मी के असर को देखते हुए कई राज्यों में एहतियाती कदम भी उठाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र के वर्धा में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं, जबकि मध्य प्रदेश के बुरहानपुर, हरदा और रतलाम में स्कूलों का समय बदल दिया गया है।
वहीं, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और मिजोरम में आंधी-बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों—जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
अगले दो दिनों में मौसम और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कई राज्यों में हीटवेव का खतरा बना हुआ है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा।
राजस्थान में स्थिति और गंभीर होती जा रही है। बाड़मेर में जहां दिन का तापमान 42°C पार कर गया, वहीं जयपुर समेत कई शहरों में रात का तापमान भी 28°C से ऊपर पहुंच गया है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पानी अधिक पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।