शेयर बाजार में तेजी के माहौल के बीच आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। सोमवार को कंपनी के स्टॉक में कारोबार के दौरान करीब 4 से 5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

कंपनी का शेयर पिछले सत्र में 534.85 रुपये पर बंद हुआ था और सोमवार को यह 530.05 रुपये पर खुला। दिन के कारोबार में यह गिरकर करीब 508.70 रुपये तक पहुंच गया। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही 15 अप्रैल को यह शेयर 559.80 रुपये के ऑल-टाइम हाई स्तर पर था, लेकिन उसके बाद इसमें करीब 7 फीसदी से अधिक की गिरावट आ चुकी है।

विवाद बना गिरावट की बड़ी वजह

लेंसकार्ट के शेयरों में आई इस गिरावट के पीछे हालिया विवाद को बड़ा कारण माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर कंपनी के एक कथित ड्रेस कोड को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसमें कुछ धार्मिक प्रतीकों पर रोक होने की बात कही गई थी।
इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और कई लोगों ने कंपनी के बहिष्कार की मांग भी उठाई।
कंपनी ने मांगी माफी, नई गाइडलाइन जारी
विवाद बढ़ने के बाद कंपनी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की। कंपनी ने कहा कि वायरल हुआ दस्तावेज पुराना था और वर्तमान नीति को नहीं दर्शाता।
साथ ही कंपनी ने नया “इन-स्टोर स्टाइल गाइड” जारी किया, जिसमें कर्मचारियों को धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है।
नई गाइडलाइन के तहत कर्मचारी अब बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे प्रतीक पहन सकते हैं।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि यदि किसी भी संचार से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो उसे इसका खेद है और वह सभी समुदायों का सम्मान करती है।
मार्केट कैप और निवेशकों पर असर
शेयरों में गिरावट का असर कंपनी के मार्केट कैप पर भी पड़ा है, जो घटकर 90 हजार करोड़ रुपये से नीचे आ गया है।
हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो कंपनी का प्रदर्शन अभी भी मजबूत माना जा रहा है। इस साल अब तक शेयर में करीब 17 फीसदी की तेजी आई है, जबकि पिछले छह महीनों में यह करीब 28 फीसदी चढ़ चुका है।
क्या आगे संभलेगा शेयर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवादों का असर अक्सर अल्पकालिक होता है। यदि कंपनी अपने ब्रांड इमेज और ग्राहक विश्वास को बनाए रखती है, तो आने वाले समय में शेयर में स्थिरता लौट सकती है।
फिलहाल निवेशकों की नजर कंपनी के अगले कदम और बाजार के रुख पर बनी हुई है।