₹12,764 करोड़ खर्च के बाद भी ‘हर घर नल से जल’ योजना पर सवाल, कागजों में सप्लाई, जमीन पर सूखे नल

International April 28, 2026 By Bharat B. Malviya
News Image

राज्य में ‘हर घर नल से जल’ योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जमीनी हकीकत चौंकाने वाली सामने आई है। करीब ₹12,764 करोड़ की लागत से लागू इस योजना में सरकार की ओर से हजारों गांवों में हर घर तक पानी पहुंचाने का दावा किया गया है, लेकिन कई इलाकों में नल सूखे पड़े हैं और लोगों को अब भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

Advertisement

प्रमाण खबर की टीम द्वारा किए गए ग्राउंड सर्वे में यह सामने आया कि लगभग 3,129 गांवों को कागजों में जलापूर्ति से जोड़ दिया गया है और इसके प्रमाणपत्र भी जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। कई गांवों में पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है।

Advertisement

विशेष रूप से देवघर, दुमका, गोड्डा और पाकुड़ जैसे जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां कई गांवों में लोगों को आज भी 2 से 3 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर आधे से अधिक घरों तक जलापूर्ति पहुंच ही नहीं पाई है, जबकि कागजों में उन्हें ‘पूर्ण’ दिखाया जा चुका है।

Advertisement

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि योजना के क्रियान्वयन में कई स्तरों पर खामियां हैं। पाइपलाइन और ढांचा तो तैयार कर दिया गया, लेकिन पानी के स्रोत और वितरण व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया। इसके अलावा ग्राउंड लेवल पर निगरानी की कमी भी एक बड़ी वजह बनकर सामने आई है।

इसका सीधा असर ग्रामीणों के जीवन पर पड़ रहा है। खासकर महिलाएं और बच्चे रोजाना पानी के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जब पीने के पानी की कमी साफ दिखाई देने लगती है।

ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या योजनाओं का मूल्यांकन सिर्फ कागजों के आधार पर किया जा रहा है, या जमीनी हकीकत को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर देना काफी नहीं है, बल्कि उसकी नियमित निगरानी और सही संचालन भी उतना ही जरूरी है, तभी ऐसी योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच सकेगा।

AdvertisementAdvertisementAdvertisement

Related News

News image
International
गन कानून में बड़े बदलाव की तैयारी, यहूदी समुदाय की सुरक्षा पर फोकस

ऑस्ट्रेलिया में सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुए भयावह हमले के बाद देश की सुरक्षा व्यवस्था और गन कानूनों को लेकर बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। इस घटना मे...

News image
International
किंग चार्ल्स का अमेरिका दौरा क्यों खास? शाही सॉफ्ट पावर से सुधर सकते हैं US-UK रिश्ते

ब्रिटेन के राजा King Charles III और रानी Queen Camilla का अमेरिका दौरा इस समय वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह राजकीय यात्रा केवल औ...

News image
International
ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला: Meta, Google और TikTok पर लगेगा टैक्स, पत्रकारों को मिलेगा भुगतान

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने डिजिटल दिग्गज कंपनियों Meta, Google और TikTok पर 2.25% टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों और स...

News image
International
ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला: Meta, Google और TikTok पर लगेगा टैक्स, पत्रकारों को मिलेगा भुगतान

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने डिजिटल दिग्गज कंपनियों Meta, Google और TikTok पर 2.25% टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों और स...

News image
International
इमरान खान की आंखों की रोशनी पर खतरा? चौथी बार हुई सर्जरी, जानें अब कैसी है हालत

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan एक बार फिर अपनी आंखों की गंभीर समस्या के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। इस्लामाबाद स्थित Pakistan Institute...

News image
International
जंग में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि, किम जोंग-उन बोले—रूस के साथ और मजबूत होगा गठबंधन

उत्तर कोरिया ने रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए अपने सैनिकों की याद में प्योंगयांग में एक भव्य स्मारक और सैन्य संग्रहालय का उद्घाटन किया है। इस कार्य...