पीली जर्सी वाली टीम इस समय उम्मीद, दबाव और चमत्कार के बीच फंसी हुई दिखाई दे रही है। एक ओर प्लेऑफ की उम्मीद बेहद मुश्किल गणित पर टिकी है, वहीं दूसरी ओर टीम के सबसे बड़े चेहरे महेंद्र सिंह धोनी की गैरमौजूदगी ने प्रशंसकों की बेचैनी और बढ़ा दी है।
बताया जा रहा है कि अंगूठे की चोट से जूझ रहे धोनी फिलहाल रांची लौट गए हैं और गुजरात के खिलाफ अहम मुकाबले में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। इससे पहले वह पिंडली की चोट के कारण भी पूरे सत्र से बाहर रहे थे। हालांकि अब भी यह उम्मीद बनी हुई है कि यदि चेन्नई की टीम किसी तरह प्लेऑफ में पहुंच जाती है, तो धोनी वापसी कर सकते हैं।
चेन्नई की स्थिति अंक तालिका में बेहद कठिन बनी हुई है। टीम 13 मुकाबलों में 12 अंक लेकर सातवें स्थान पर है। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए उसे अपना आखिरी मैच बड़े अंतर से जीतना होगा। इसके साथ ही अन्य टीमों के परिणाम भी उसके पक्ष में जाने जरूरी हैं। ऐसे में अब टीम सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि भाग्य और समीकरणों की लड़ाई भी लड़ रही है।

टीम के बल्लेबाजी कोच माइकल हसी ने भी साफ किया कि धोनी की चोट पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन अगर टीम अगले दौर में पहुंचती है तो उनकी वापसी की संभावना बनी हुई है।

दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे सत्र में धोनी मैदान पर उतरे बिना भी सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। हर मुकाबले में दर्शकों की निगाहें उन्हीं पर टिकी रहीं। प्रशंसकों को हर मैच में उम्मीद रहती थी कि शायद इस बार धोनी मैदान पर उतर जाएं।
पिछले कुछ वर्षों से हर सत्र में यह सवाल उठता रहा है कि क्या यह धोनी का आखिरी आईपीएल होगा। लेकिन अब तक उन्होंने अपने भविष्य को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। यही वजह है कि प्रशंसक अब भी एक और यादगार वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई को पांच बार खिताब दिलाकर उसे लीग की सबसे सफल टीमों में शामिल किया है। इस बार कहानी उनके बल्ले से नहीं, बल्कि उनकी गैरमौजूदगी और संभावित वापसी की उम्मीद से लिखी जा रही है। अब सबकी नजर उस आखिरी मुकाबले और उसके बाद बनने वाले समीकरणों पर टिकी है।

