कर्नाटक की राजनीति में बड़े बदलाव की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री Siddaramaiah का इस्तीफा राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है, जिसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।

बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया ने मंत्रियों के साथ हुई एक बैठक में अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। इसके बाद उन्होंने राजभवन पहुंचकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। चूंकि उस समय राज्यपाल Thawar Chand Gehlot बेंगलुरु से बाहर थे, इसलिए इस्तीफा उनके निजी सचिव को सौंपा गया था।
इस्तीफे के बाद कुछ समय तक इस बात को लेकर चर्चा बनी रही कि राज्यपाल इसे स्वीकार करेंगे या नहीं। अब राज्यपाल ने इस्तीफा मंजूर कर लिया है और नई सरकार के गठन तक सिद्धारमैया से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाने का अनुरोध किया है।
इस्तीफा स्वीकार होने के बाद अब कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। यह बैठक बेंगलुरु में आयोजित होनी है और इसमें पार्टी के विधायक अगले मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा करेंगे।

इस बीच नई सरकार के गठन को लेकर दिल्ली और बेंगलुरु दोनों जगह राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सिद्धारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष D. K. Shivakumar दिल्ली पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi से हो सकती है।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नई सरकार के गठन के साथ-साथ मंत्रिमंडल के स्वरूप और प्रमुख विभागों के बंटवारे पर भी चर्चा की जा सकती है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद और कैबिनेट में शामिल होने वाले नेताओं के नामों पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व की सहमति से लिया जाएगा।
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन को कांग्रेस के भीतर पहले से तय राजनीतिक समझौते का हिस्सा माना जा रहा है। अब सभी की नजरें विधायक दल की बैठक और नए मुख्यमंत्री के चयन पर टिकी हुई हैं।
