दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। इस दर्दनाक हादसे में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों की भी मौत हुई, जो भारत में अपने परिजनों के इलाज और देखभाल के लिए आए हुए थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार मृतकों में अफ्रीकी और दक्षिण एशियाई देशों के नागरिक शामिल हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि होटल में ठहरे लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। कई लोग अपने कमरों में ही फंस गए, जबकि कुछ ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाने की कोशिश की। दमकल और बचाव दल ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन कई जिंदगियां नहीं बचाई जा सकीं।
जांच में होटल में सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि भवन में क्षमता से अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं थी। हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। वहीं मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी जारी है। यह हादसा राजधानी में होटल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर गया है।




