अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते से ठीक पहले पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के सरकारी प्रसारक Islamic Republic of Iran Broadcasting ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य रडार ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें कथित तौर पर हमलों के बाद भारी नुकसान दिखाई दे रहा है।

ईरानी मीडिया के अनुसार, बहरीन के माउंट अल-दुखान पर स्थित अमेरिकी अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम को ईरानी मिसाइल हमले में गंभीर नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वहां तैनात TPS-59 रडार सिस्टम पूरी तरह निष्क्रिय हो गया है। कुछ ओपन-सोर्स रिपोर्ट्स में भी इस साइट पर हमले और धुएं के उठने की पुष्टि की गई है, हालांकि अमेरिकी पक्ष ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इसी तरह कुवैत के अली अल-सालेम एयर बेस में स्थित रडार और संचार ढांचे को भी नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। क्षेत्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बेस पर कई संरचनाओं और रडोम्स को क्षति पहुंची है।
इन तस्वीरों के जरिए ईरान ने अमेरिका के उन दावों पर सवाल उठाए हैं, जिनमें कहा गया था कि उसके सभी हमलों को नाकाम कर दिया गया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि जमीनी हकीकत सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिखाई दे रही है और अमेरिकी सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित समझौता जल्द अंतिम रूप ले सकता है। ट्रंप ने कहा था कि इस समझौते के बाद Strait of Hormuz को फिर से खोलने का रास्ता साफ हो सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

हालांकि ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संकेत दिया है कि यह वार्ता दो चरणों में आगे बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुरुआती शर्तों पर सहमति बनने के बाद ही अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर सैन्य तनाव और कूटनीतिक बातचीत साथ-साथ चलती रही, तो आने वाले दिनों में खाड़ी क्षेत्र की स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बनी हुई है।

