हिंदू धर्म में 25 जुलाई 2026 को आने वाली देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। इसी दिन से चातुर्मास का आरंभ होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु इस तिथि से चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी कारण इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। हालांकि, पूजा, व्रत, जप और आध्यात्मिक साधना के लिए यह समय अत्यंत शुभ माना जाता है।
ज्योतिषीय दृष्टि से इस बार की देवशयनी एकादशी कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इन राशियों पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहेगी, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और उन्नति के नए अवसर मिल सकते हैं।
मेष राशि
मेष राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक प्रगति लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और धन संबंधी मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को भाग्य का अच्छा साथ मिल सकता है। लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। अचानक आर्थिक लाभ मिलने से वित्तीय स्थिति पहले से मजबूत हो सकती है।

कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए यह एकादशी आर्थिक दृष्टि से शुभ संकेत दे रही है। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और धन संबंधी परेशानियों से राहत मिलने के योग हैं। यदि नया व्यवसाय या कोई नई शुरुआत करने की योजना है, तो समय अनुकूल माना जा रहा है।
तुला राशि
तुला राशि के लोगों को करियर और कारोबार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। मेहनत का उचित फल मिलने के संकेत हैं। दांपत्य जीवन में भी सामंजस्य और प्रेम बढ़ने की संभावना रहेगी।
देवशयनी एकादशी पर करें ये शुभ कार्य
भगवान विष्णु को पीले वस्त्र, पीले फूल, हल्दी या पीला चंदन अर्पित करें।
केसर युक्त मिठाई का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
भोग में तुलसी दल अवश्य शामिल करें, क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी के बिना भगवान विष्णु भोग स्वीकार नहीं करते।

इस दिन विष्णु मंत्रों का जाप और व्रत रखने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।