धार्मिक नगरी वृंदावन से श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज की प्रतिदिन निकलने वाली पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस निर्णय की जानकारी केली कुंज आश्रम की ओर से माइक के माध्यम से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को दी गई। जैसे ही यह सूचना फैली, भक्तों में मायूसी छा गई और बड़ी संख्या में लोग आश्रम के बाहर जानकारी लेने पहुंचने लगे।
बताया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज रोजाना अपने केली कुंज आश्रम से सौभरी कुंड तक पदयात्रा करते थे। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मार्ग में खड़े होकर उनके दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करते थे। पदयात्रा के साथ एकांतिक वार्ता का आयोजन भी होता था, जिसमें महाराज भक्तों को आध्यात्मिक जीवन, भक्ति और धर्म से जुड़े संदेश देते थे। अब इन दोनों कार्यक्रमों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
हालांकि आश्रम प्रशासन ने पदयात्रा स्थगित करने की पुष्टि कर दी है, लेकिन इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं बताई गई है। इसी कारण श्रद्धालुओं के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। आश्रम से जुड़े लोगों ने भक्तों से संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा वृंदावन में आस्था का बड़ा केंद्र मानी जाती रही है। रोजाना सुबह और शाम हजारों श्रद्धालु सिर्फ एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते थे। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले भक्त भी इस पदयात्रा और सत्संग में शामिल होने के लिए वृंदावन पहुंचते थे। सोशल मीडिया पर भी उनके प्रवचन और पदयात्रा से जुड़े वीडियो काफी लोकप्रिय हैं।

पदयात्रा स्थगित होने की खबर सुनकर कई भक्त भावुक नजर आए। कुछ श्रद्धालुओं ने कहा कि वे प्रतिदिन महाराज के दर्शन के लिए आते थे और इस फैसले से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। फिलहाल सभी को आश्रम प्रशासन की अगली सूचना का इंतजार है। भक्तों को उम्मीद है कि जल्द ही परिस्थितियां सामान्य होंगी और प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।


