दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली रेस क्लब की जमीन खाली कराने की प्रक्रिया पर लगी रोक हटा दी है। अदालत की डिवीजन बेंच ने पहले दिए गए सिंगल जज के अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया, जिससे अब केंद्र सरकार रेस क्लब के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई आगे बढ़ा सकेगी।

यह मामला राजधानी के बेहद संवेदनशील और वीआईपी इलाके लोक कल्याण मार्ग स्थित करीब 53 एकड़ सरकारी जमीन से जुड़ा है। केंद्र सरकार का कहना है कि दिल्ली रेस क्लब की लीज कई साल पहले समाप्त हो चुकी थी और उसके बाद भी क्लब परिसर पर कब्जा जारी रखा गया।

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारी बेदखली) अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की थी। इससे पहले सिंगल जज ने एस्टेट ऑफिसर की कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगा दी थी, लेकिन अब डिवीजन बेंच ने कहा कि रेस क्लब पहले एस्टेट ऑफिसर के समक्ष अपनी आपत्तियां रखे।
अदालत में केंद्र की ओर से दलील दी गई कि यह केवल नोटिस का चरण है और अभी अंतिम बेदखली आदेश पारित नहीं हुआ है। सरकार ने यह भी कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली रेस क्लब का इतिहास लगभग एक सदी पुराना है और यह राजधानी के प्रमुख क्लबों में गिना जाता है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह जमीन सार्वजनिक उपयोग और महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए आवश्यक है। इस मामले को लेकर आने वाले दिनों में कानूनी लड़ाई और तेज हो सकती है।

