भीषण गर्मी के बीच दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है। सूखे नल, खराब बोरवेल और अनियमित सप्लाई के कारण लाखों लोग परेशान हैं। दिल्ली के दक्षिणपुरी, संगम विहार और दिलशाद गार्डन जैसे इलाकों में हफ्तों से पानी नहीं आया है, जिससे नाराज लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड का घेराव भी किया। दिल्ली में रोजाना 473 करोड़ लीटर पानी की जरूरत है, जबकि सप्लाई सिर्फ 380 करोड़ लीटर ही हो पा रही है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने जीपीएस टैंकरों और वॉटर मास्टर प्लान की घोषणा की है, लेकिन जमीन पर लोग 1200 से 1500 रुपये में निजी टैंकर खरीदने को मजबूर हैं।
उत्तर प्रदेश के हालात भी जुदा नहीं हैं। गाजियाबाद के खोड़ा, सहारनपुर की अजीज कॉलोनी और राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज में स्थिति बेहद गंभीर है। सहारनपुर में बोरवेल खराब होने से सैकड़ों परिवारों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है, वहीं लखनऊ में लगातार बिजली कटौती के कारण पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। प्रशासन के दावों के उलट दोनों राज्यों के ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग रात-रात भर जागकर पानी का इंतजार करने को मजबूर हैं।




