केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और विभिन्न मांगों पर केंद्र सरकार से सहमति बनने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर चल रहा अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है। संगठन का कहना है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की वापसी, शिक्षा सुधारों पर चर्चा और अन्य प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है।
सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। वार्ता में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि CJP का प्रतिनिधित्व सौरव दास और आशुतोष रांका ने किया।
CJP ने क्या कहा?
बैठक के बाद CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन सद्भावना के आधार पर आंदोलन समाप्त कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार तय समयसीमा के भीतर सभी सहमत बिंदुओं को लागू करेगी।
सौरव दास के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने पर सहमति जताई है। उनका दावा है कि यह निर्णय केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भाजपा शासित और सहयोगी दलों की सरकार वाले राज्यों में दर्ज मामलों पर भी लागू होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। संगठन को मंगलवार तक इस संबंध में लिखित आश्वासन मिलने की उम्मीद है।
पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे पर सहमति
CJP ने NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ के मुआवजे की मांग रखी थी। संगठन के प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार, सरकार ने नियमों के तहत प्रभावित परिवारों को अधिकतम संभव सम्मानजनक मुआवजा देने पर सहमति व्यक्त की है।
शिक्षा सुधारों पर होगी आगे चर्चा
आंदोलन के दौरान CJP ने परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को पांच सूत्रीय चार्टर भी सौंपा। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार इस चार्टर का अध्ययन करेगी और संगठन के प्रतिनिधियों के साथ आगे भी विस्तृत चर्चा जारी रहेगी।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा सुधारों के मुद्दे पर सरकार और CJP के बीच करीब चार सप्ताह बाद अगली बैठक हो सकती है।

CJP की प्रमुख मांगें

संगठन की मुख्य मांगों में शामिल थीं—
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर एवं कानूनी मामलों की वापसी।

NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।

शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार।
नेताओं के बयान
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे पर कहा कि पिछले दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उनके अनुसार, यह किसी व्यक्ति के सम्मान का नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का प्रश्न है, इसलिए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे छात्रों और युवाओं की जीत बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को सफलता मिली है। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से किए गए शांतिपूर्ण संघर्ष का परिणाम सामने आया है और युवाओं की आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सका।