घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को खरीदारी का मजबूत माहौल देखने को मिला। कारोबार के दौरान लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में तेजी रही, जिसके दम पर बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ने शानदार बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। बाजार की इस मजबूती से निवेशकों की कुल संपत्ति में एक ही दिन में करीब 4.18 लाख करोड़ रुपये का इजाफा दर्ज किया गया।

सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूत बढ़त के साथ की शुरुआत
कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में सकारात्मक रुख दिखाई दिया। बीएसई सेंसेक्स पिछले सत्र के 76,765 अंक के मुकाबले बढ़त के साथ 77,423 अंक पर खुला और दिनभर मजबूती बनाए रखी। कारोबार के दौरान यह 77,765 अंक तक पहुंच गया। अंत में सेंसेक्स 888.68 अंकों की छलांग लगाकर 77,654.60 के स्तर पर बंद हुआ।
वहीं, एनएसई निफ्टी भी पिछले बंद स्तर 23,985 अंक से ऊपर 24,176 अंक पर खुला। दिन के दौरान यह 24,283 अंक तक पहुंचा और अंत में 264.85 अंकों की बढ़त के साथ 24,250.20 पर बंद हुआ।
निवेशकों को हुआ बड़ा फायदा
बाजार में आई तेजी का सीधा लाभ निवेशकों को मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 483.35 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले कारोबारी सत्र में करीब 479.17 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह एक दिन में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती
बुधवार के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। लार्जकैप कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), इन्फोसिस, ट्रेंट, एलएंडटी, टाटा स्टील, भारती एयरटेल और टीसीएस के शेयर प्रमुख रूप से बढ़त के साथ बंद हुए।
वहीं मिडकैप शेयरों में डिक्सन टेक्नोलॉजीज, ऑरोबिंदो फार्मा और कोफोर्ज ने भी निवेशकों को अच्छे रिटर्न दिए और दिनभर मजबूत प्रदर्शन किया।
आईटी सेक्टर ने बाजार को दिया सहारा

बाजार की तेजी में सबसे अहम भूमिका आईटी कंपनियों के शेयरों की रही। सप्ताह की शुरुआत से ही आईटी इंडेक्स में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। बुधवार को भी प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का जोर बना रहा, जिससे पूरे बाजार की धारणा सकारात्मक बनी रही।

निवेश से पहले रखें सावधानी
हालांकि बाजार में आई यह तेजी निवेशकों के लिए उत्साहजनक रही, लेकिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है। ऐसे में किसी भी शेयर या म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करें और आवश्यकता पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
