कमर्शियल LPG की कमी और कालाबाजारी से बढ़ी परेशानी, व्यापारियों ने सरकार से मांगी तुरंत राहत

खाड़ी देशों में जारी युद्ध का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। राजधानी New Delhi समेत पूरे Delhi NCR में कमर्शियल एलपीजी गैस की किल्लत ने होटल और ढाबा कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

व्यापारियों का कहना है कि पहले जो कमर्शियल गैस सिलेंडर करीब 1500 रुपये में मिल जाता था, वह अब बाजार में 3000 रुपये तक में मिल रहा है। गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण कई कारोबारियों को अपने व्यवसाय के भविष्य को लेकर चिंता सता रही है।

सप्लाई प्रभावित, बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर
व्यापारियों के अनुसार 5 मार्च के बाद सरकार की ओर से गैस के उपयोग को सीमित रखने और रिजर्व स्टॉक बनाए रखने को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बाद से कई इलाकों में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हो गई है।
होटल और ढाबा संचालकों का कहना है कि पहले बुकिंग के कुछ समय बाद ही सिलेंडर मिल जाता था, लेकिन अब कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
कालाबाजारी से बढ़ी समस्या
व्यापारियों का आरोप है कि बाजार में गैस की कालाबाजारी भी बढ़ रही है। कई जगहों पर डीलर या बिचौलिए सरकारी कीमत से दोगुने दाम पर सिलेंडर बेच रहे हैं।
व्यापारी करण जैन ने बताया कि पहले सरकारी दरों पर मिलने वाला सिलेंडर अब ब्लैक में महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है, जिससे कारोबार पर भारी असर पड़ रहा है।
बिजली उपकरणों पर काम करने को मजबूर
गैस की कमी के कारण कई होटल और ढाबा संचालक अब इंडक्शन और इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल करने को मजबूर हो गए हैं। हालांकि उनका कहना है कि इससे काम धीमा हो जाता है और बड़े स्तर पर खाना बनाना मुश्किल हो जाता है।
होटल संचालक अजय यादव का कहना है कि अगर गैस की किल्लत ऐसे ही बनी रही तो उन्हें मजबूरन खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ेंगे।
कारोबार बंद होने का खतरा
होटल संचालक अमन मिश्रा के मुताबिक कुछ गैस डीलरों ने पहले ही व्यापारियों को स्टॉक रखने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले समय में सिलेंडर मिलने में और दिक्कत हो सकती है।
व्यापारियों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई छोटे ढाबा और होटल कारोबार बंद करने की स्थिति में पहुंच सकते हैं।
सरकार से कार्रवाई की मांग
होटल और ढाबा व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि कमर्शियल एलपीजी गैस की सप्लाई जल्द सामान्य की जाए और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उनका कारोबार पहले की तरह सुचारू रूप से चल सके।