प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को मंत्रिपरिषद की लंबी बैठक की, जो करीब साढ़े चार घंटे तक चली। बैठक में पश्चिम एशिया में जारी तनाव, सरकार की विकास योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की गई और मंत्रियों को फैसलों के तेजी से क्रियान्वयन पर जोर देने को कहा गया। सरकार ने आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे, आर्थिक सुधारों और प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत करने की रणनीति पर भी चर्चा की।

बैठक में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके भारत पर संभावित असर को लेकर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ। ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया गया। हाल के दिनों में केंद्र सरकार लगातार इस मुद्दे पर अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकें कर रही है।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से “विकसित भारत 2047” के संकल्प को केवल नारा नहीं बल्कि राष्ट्रीय प्रतिबद्धता बताते हुए तेजी से काम करने का आह्वान किया। बैठक में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, नियमों को सरल करने और आम लोगों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के लगभग दो वर्ष पूरे होने की ओर बढ़ रही है और कई बड़े आर्थिक व प्रशासनिक फैसलों पर काम जारी है।


