तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। इस विस्तार में कुल 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। नए मंत्रिमंडल में कांग्रेस के दो विधायकों को भी जगह दी गई है। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री विजय ने नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा भी कर दिया।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस विधायक राजेश कुमार सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने कामराज, राहुल गांधी और राजीव गांधी के समर्थन में नारे लगाए। इस पर राज्यपाल ने उन्हें टोका और कहा कि यह शपथ प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है।
समारोह के दौरान एक और दिलचस्प स्थिति तब बनी जब टीवीके विधायक थेन्नारसु ने राज्यपाल के बोलने से पहले ही शपथ पढ़ना शुरू कर दिया। राज्यपाल ने उन्हें बीच में रोकते हुए इंतजार करने को कहा। शपथ से पहले विधायक ने अपने नेता के प्रति निष्ठा जताते हुए बयान भी दिया।
नए मंत्रिमंडल में चेन्नई क्षेत्र का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी क्षेत्र से चुने गए कई विधायकों को मंत्री पद या मंत्री स्तर की जिम्मेदारियां दी गई हैं। मुख्यमंत्री विजय स्वयं भी चेन्नई की विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
विभागों के बंटवारे में के. जेगेदेस्वरी को महिला कल्याण विभाग सौंपा गया है, जबकि मुख्यमंत्री ने गरीबी उन्मूलन विभाग अपने पास रखा है। कांग्रेस विधायक राजेश कुमार को पर्यटन विभाग और पी. विश्वनाथन को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
सरकार में वित्त विभाग में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले यह जिम्मेदारी के.ए. सेंगोट्टैयन के पास थी, लेकिन अब इसे एन. मैरी विल्सन को सौंप दिया गया है। उन्हें योजना और विकास विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। वहीं सेंगोट्टैयन को राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग मिला है।
इसके अलावा श्रम कल्याण और कौशल विकास विभाग मोहम्मद फरवास को दिया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार आगामी राजनीतिक रणनीति और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है।



