कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन और कैबिनेट फेरबदल की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें 26 मई को दिल्ली बुलाया है। बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को भी बैठक के लिए बुलाया गया है और दोनों नेता पार्टी हाईकमान से मुलाकात कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडे की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने फोन कर उन्हें दिल्ली आने के लिए कहा है। इस बयान के बाद कर्नाटक में राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राज्यसभा की खाली होने वाली सीटों, विधान परिषद (MLC) सीटों और संगठनात्मक मामलों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
कर्नाटक सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से राज्य में नेतृत्व बदलाव की अटकलें लगातार सामने आ रही हैं। डीके शिवकुमार के समर्थकों का दावा है कि विधानसभा चुनाव जीत के समय सत्ता साझेदारी को लेकर सहमति बनी थी और अब उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।

वहीं सिद्धारमैया ने साफ कहा है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करना चाहते हैं, हालांकि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान का होगा। दूसरी तरफ डीके शिवकुमार भी लगातार यही कह रहे हैं कि वह कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे।
कांग्रेस के भीतर कैबिनेट फेरबदल को लेकर भी दबाव बढ़ता दिख रहा है। कई विधायक मंत्री पद की मांग कर रहे हैं और कुछ नेता इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से मुलाकात भी कर चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कर्नाटक कांग्रेस में बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।

