दुनियाभर में बढ़ती तेल कीमतों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयान ने बाजार में राहत की उम्मीद जगाई है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने की संभावना काफी बढ़ गई है। उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है।
पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंचाई पर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि अन्य प्रमुख क्रूड ऑयल की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। इससे भारत समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के पास बड़े पैमाने पर तेल भंडार मौजूद हैं और यदि समझौता हो जाता है तो वैश्विक सप्लाई बढ़ सकती है। उनका कहना है कि इससे बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों में तेजी से गिरावट आ सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में तनाव कम होने पर वैश्विक बाजार को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल युद्ध और राजनीतिक अनिश्चितता के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। कई देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका असर दिखाई दे रहा है और महंगाई बढ़ने की चिंता भी लगातार बनी हुई है।

भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और यूरोप के कई देशों में महंगे ईंधन का असर आम लोगों तक पहुंच चुका है। ऐसे में दुनिया की नजर अब अमेरिका-ईरान वार्ता और अंतरराष्ट्रीय हालात पर टिकी हुई है।

